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Monday, March 03, 2008

तुम्हारे जन्म दिन पर

तुम्हारे जन्म दिन पर ,
चाँद ,सूरज और सितारे ,
मैं तुमको दे नहीं सकता ।
तुम्हारे जन्म दिन पर ,
चमन के फूल , खुशबू और नजारे ,
मैं तुमको दे नहीं सकता ।
ये सब कुदरत की हैं नेमत ,
ज़माने भर की खातिर हैं ।
न उनको पाना चाहोगी ,
जो ज़माने भर की खातिर हैं ,
सभी की छीन कर दौलत ,
मैं तुमको दे नहीं सकता ।
तुम्हारे जन्म दिन
पर किसी की छीन कर खुशियाँ
मैं तुमको दे नहीं सकता ।
पर ..............
मेरी खुशियाँ , मेरे सपने ,
मेरे अरमान सारे हैं तुम्हारे ,
मेरा ये दिल जिगर और जान,
सभी कुछ हैं तुम्हारे।
मेरा हर शब्द , हर शेर और कविता
मेरी तहरीर सारी है तुम्हारी ।
मेरा माजी, मेरा हासिल ,
मेरी किस्मत ,सभी कुछ हैं तुम्हारी ।
मेरी हर चीज पर लेकिन ,
है पूरा हक तुम्हारा ।
तुम्हारे वास्ते हूँ मैं

मेरा सब कुछ तुम्हारा ।
तुम्हारे जन्म दिन पर
जो मेरा है वही मैं देना चाहता हूँ ,
मेरी खुशियाँ मिले तुमको ये कहना चाहता हूँ ।
रहो तुम उम्र भर खुश ,
मेरी खुशियाँ तुम्हारी हों
वो सारे गम मिले
मुझको
जो तेरी खुशियों पे भारी हों
तुम्हारे जन्म दिन
पर
बस दुआ ये देना चाहता हूँ
मैं तेरे आंसू के बदले में ,खुशियाँ

सभी देना चाहता हूँ ।

2 comments:

mehek said...

atisundar tohfa hai,sundar rachana hai kavita ki.

Pradeep Kumar said...

dhanyawad . hausla afjaaie ke liye shukriya.